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Wednesday, 24 November 2021

 लाल किताब अनुसार सूर्य-बुध युत्ति का कुंडली के 12 भावों में फल और भेद?

लाल किताब में सूर्य-बुध युत्ति को हरा भरा, लहलहाता पहाड़, लाल फिटकरी, सफ़ेद शीशा, बनावटी नेक मंगल और औलाद की जिंदग़ी का मालिक कहा गया है।जिस व्यक्ति के यह योग हो उसे सरकारी लाभ मिलने की आशा प्रबल और राज दरबार से सम्बंध ज़रूर होगा और लाभ देगा। सूर्य को इंसान की रूह और बुध को परमात्मा की क़लम, सूर्य को बन्दर और और बुध लंगूर की पूँछ की तरह मददगार होगी।अगर यह युत्ति अच्छी हो कोई पापी ग्रहों का बुरा प्रभाव ना पद रहा हो तो उम्र लम्बी होगी।विद्या से लाभ, पेन या क़लम और लैम्प की रोशनी में रात को लिखना लाभ देगा।

सूर्य बुध को देखे तो स्त्री आमिर घर से होगी।अगर 50% दृष्टि हो तो ज्योतिष में माहिर होगा।बुध देखे सूर्य को तो तो सेहत और दिमाग़ तेज़ होगा।

सूर्य-बुध  खाना न- 1.   योग अभ्यास उत्तम फल होगा और लहलहाता पहाड़ यानी अच्छा फल वज़ीर दूसरों को राई देने वाला योग और ज्योतिष से लाभ, सरकारी लाभ मगर राहु केतु की दृष्टि हो तो राज दरबार में झगड़े होंगे।

सूर्य-बुध  खाना न -2.  शरीर और दिमाग़ शक्तिशाली और धन सम्बंधी परेशानी रह सकती है।

सूर्य-बुध  खाना न -3.  शनि तीसरे, चोथे या पाँचवे घर हो तो अच्छा ज्योतिषी बने और शुभ फल मिले ऐसा व्यक्ति आशिक़ी भी करेगा और बदनाम भी नहीं होगा क्योंकि यह वफ़ादारी में विश्वाश रखेगा।

सूर्य-बुध  खाना न-4.  यहाँ दोनो ग्रह होने से राजयोग होगा आर्थिक सम्बंधी हालत अच्छे रहंगे।

सूर्य-बुध  खाना न-5.  दोनो ग्रह पाँचवे घर में हो और शनि नोवें खाना में हो तो आयु लमभि और अगर केतु राहु या मंगल की दृष्टि हो तो मौत अचानक हो सकती है।

सूर्य-बुध खाना न-6.  ऐसा व्यक्ति का जन्म जद्दी घर से बाहर हो सकती है, अगर बुध शक्तिशाली हो और सूर्य दृष्टि से मँदा हो रहा हो तो बुरा फल मिलेगा। 

सूर्य-बुध खाना न-7.  यह दोनो होने पर शुक्र मँदा हो तो लड़का लड़की पर बुरा प्रभाव और ससुराल पर भी अच्छा फल नहीं मिलता।शुक्र शुभ तो आमदन हमेशा होती रहगी। चल चलन संभाल करे तो उत्तम फल मिलेगा।

सूर्य-बुध खाना न -8    बहन- बेटी या बुध की वस्तुओं पर बुरा प्रभाव हो तो बुरा फल ही मिलेगा आम तोर पर बुध यह माँदे फल ही देता है। अगर खाना न २ खली हो तो प्रभाव अच्छे ही होंगे और काँच बर्तन में गुड भर कर वीराने में दबा देना चाहिय।

सूर्य-बुध खाना न- 9  २४ साल तक विद्या उत्तम फल देगी औलाद ३४ वर्ष के बाद क़ायम साथ तरक़्क़ी और भाग्य उदय होता है यदि बुध पर केतु का बुरा प्रभाव हो तो १७ से २७ साल तक बुरा प्रभाव रहेगा।

सूर्य-बुध खाना न 10.   दसवें घर में दोनो का फल अच्छा होगा अगर पहला और दूसरा घर  ख़ाली हो मगर शनि के घर में होने पर  बदनामी भी मिलती है।

सूर्य-बुध खाना न 11.  जिस घर में पाठ पूजा करने वाले लोग रहते  हो तो अच्छा फल मिलता है  अगर बुरे कार्य, मांस खाने वाले हों  तो बुरा फल ही मिलता है।

सूर्य-बुध खाना न 12. में होने पर नसों के रोग, मानसिक परेशानी और मिर्गी जैसे रोग भी हो सकतें हैं।बुध के कारण से बहन बुआ बेटी और व्यापार पर बुरा प्रभाव ही रहता है। बुध का उपाय करना ज़रूरी है।

Astrology Research Centre Hoshiarpur


Thursday, 27 May 2021

 Astrology Research Centre, Hoshiarpur

औलाद का सुख और लाल किताब 

दूजे छटे जब शुक्र जागे, मदद गुरु, रवि पाता हो 

मच्च रेखा परिवार क़बीले, औलाद दौलत सब उमदा हो 

छटे रवि घर १२ होते, साथी मंगल बुध बनता हो 

तीन राहु घर दोस्त बदले, लवलद कभी न होता हो 

कुंडली में बृहस्पति, सूर्य, चन्द्र, बुध, शनि, राहु की स्तिथि से औलाद के सुख बारे देखा जाता है। 

बृहस्पति खाना न 3, 8 में हो और मंगल 2, 5, 9, 12 में हो, बृहस्पति खाना न 1,5 में और सूर्य 2, 5,9,12 में हो 

बृहस्पति खाना न 4 में और चन्द्र 2,5,9,12  में हो ।

सूर्य 3,8 में हो और मंगल 1,5 में हो, सूर्य 6,7 में हो और बुध 1,5  में हो, सूर्य 4 में हो और चन्द्र 1,5 में हो ।

चन्द्र 3,8खाना में और मंगल 4 में हो, चन्द्र 4 में और मंगल 3,8 में हो।

शुक्र खाना न 6,7 में और बुध खाना न 2,7 में हो, शुक्र 8,10 में और शनि 2,7 में हो, शुक्र 6 में हो और केतु  2,7 में हो तो औलाद का सुख मिलेगा।

बुध खाना न 12में हो और राहु  6,7  में हो,  बुध  8,10 खाना में और शनि  6, 7 में हो, शनि 12 में और राहु  8,10 में हो और राहु 6 खाना में हो और केतु खाना न 12 में हो तो औलाद का सुख ज़रूर मिलता है।

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Saturday, 22 May 2021

 मकान शहर की किस दिशा में बनाए या ख़रीदें?

अच्छे घर का सपना सब लोगों का होता है तो घर बनाने या ख़रीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें जो वास्तु या कुंडली में बेठे ग्रहों के अनुरूप हों।घर का मुख्ये दरवाज़ा किस दिशा में हो? शहर की किस दिशा में मकान बनाना या ख़रीदना रहेगा शुभ? मकान किस ग्रह से संबंधित हो? 

शहर की किस दिशा में मकान बनेगा या उत्तम फल देगा? इस को देखने की दो विधियाँ हैं (1) कुंडली में चंद्रमा जिस राशि या खाना में बेठा हो जैसे चन्द्रमा दसवें भाव में हो तो शनि की दिशा पश्चिम में होना शुभ फल दायक होगा।इसी तरह चन्द्रमा चोथे भाव का मालिक होने से चन्द्रमा की दिशा उत्तर मानी जाती है । सब ग्रहों की एक दिशा निर्धारित की गई है जैसे सूर्य की पूर्व, चन्द्रमा -उत्तर-पश्चिम, मंगल की दक्षिण, बुध की उत्तर, बृहस्पति की उत्तर-पूर्व, शुक्र की दक्षिण -पूर्व, शनि की पश्चिम दिशा मानी जाती है।

लाल किताब के अनुसार पहला घर पूरब दिशा का कारक है।यानी जिस व्यक्ति का सूर्य बहुत अच्छा है उसके लिया पूरब दिशा का मकान होना अच्छा रहगा।इसी तरह मांगज बहुत अछी स्थिति मीन हो तो उसके लिए दक्षिण दिशा का मकान होना भी अशुभ फल नहीं देगा।

कुंडली का दूसरे घर सम्बंध उत्तर पश्चिम दिशा से है। तीसरे घर का सम्बंध दक्षिण दिशा से है क्यूँकि इसका कारक मंगल ग्रह है।

चौथे घर का सम्बंध चन्द्रमा से है।जो उत्तर दिशा का कारक है।

पाँचवे घर का सम्बंध पूर्व दिशा से है।मकान के अंदर जहाँ से हवा और रौशनी आती है उसका सम्बंध पाँचवे  घर से है।

छँटें घर का सम्बंध उत्तर दिशा से है।और किसी हद तक इसका सम्बंध व्यापार से भी है।

सातवें घर का सम्बंध दक्षिण पश्चिम दिशा से है ऐसे व्यक्ति के लिए दक्षिण  पश्चिम का मकान शुभ फल दे सकता है।

आठवाँ घर दक्षिण दिशा का कारक है।आठवें घर  के कारक मंगल और शनि हैं जो कि ग्रह फल का कारक है।

नौवें घर का सम्बंध बृहस्पति से है।जिसकी दिशा उत्तर पूर्व है।

दसवें घर का सम्बंध रोज़गार, व्यापार या नौकरी से है।दसवें घर को ठग्गी द्वार भी कहा जाता है क्योंकि अपने लाभ के लिए धन कमाने या अपने कार्य में प्रगति के लिए दूसरों को धोखा देते हैं।इस घर की दिशा पश्चिम है।

ग्यारहवाँ घर व्यक्ति के लालच का प्रतीक है, और पश्चिम दिशा का कारक है।

बहरवां  घर दक्षिण पूर्व दिशा का कारक है।और पड़ोसी से सम्बंध का कारक भी है।

अगर आपका मकान बन चुका है तो आप जान सकते है कि किस ग्रह से सम्बंधित आपका मकान है।अगर नया मकान बनाना है या ख़रीदना है तो कुंडली का विश्लेषण करवा कर इस बारे में जाना जा सकता है की शहर की किस दिशा में मकान शुभ रहेगा 

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Sunday, 9 May 2021

लाल किताब के फ़रमान 

सूर्य देव के रहस्य 

सूर्य देव विष्णु भगवान पक्का घर 1 लग्न, शुभ घर  1-5,8,9,11,12 अशुभ 6,7,10खाना में होगा। दुश्मन ग्रह शनि, राहु और शुक्र के साथ हो तो अशुभ प्रभाव ही देगा।दुश्मन ग्रह की टक्कर हो तो मँदा फल ही मिले।कुंडली में बुध-शुक्र की यति तो मसनुई सूर्य बनाए।राहु,शनि,केतु का टकराव हो तो सूर्य मँदा फल देगा।मुँह में पानी आते रहना सूर्य मँदा की निशानी होगी।

उपाये:-मुँह में गुड डाल कर साथ में पानी का घूँट पी कर कार्य पर जाए  तो सफलता साथ दे।

Monday, 19 April 2021

कर भला तो हो भला

लाल किताब के फ़रमान (गूढ़ रहस्य) 

फलादेश करने में सहायक नियम(RULES) 

लाल किताब की व्याकरण (GRAMMAR)में बहुत ही गूढ़ रहस्य छुपे हुए हैं जिन को मोती, माणिक ही कहा जाए  तो सत्य कथन होगा।जब आठवें(8) घर में बैठा ग्रह वर्ष फल में खाना न. 2 में आ जाए  तो वह ग्रह "क़िस्मत का ग्रह" हो जाएगा यानी शुभ फल ही देगा ख़ास कर के आर्थिक क्षेत्र में  मगर शर्त यह होगी की आठवाँ घर खली हो।

दूसरे घर में बेठा ग्रह सोया हुआ माना जाएगा जब दसवाँ खाना ख़ाली हो , अगर ऐसा हो तो सोए हुए घर को जगाना पड़ेगा।

 घर चलकर जो आवे दूजे -ग्रह क़िस्मत बन जाता है। 

घर दसवाँ गर खली होवे- सोया हुआ कहलाता है।

ज्योतिष में शोध (RESEARCH) समय की ज़रूरत है 

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Friday, 16 April 2021

लाल किताब के फ़रमान  

#सूर्य और शुक्र की यति का फल# 

औलाद पैदाइश देरी करता -लाभ सोना नहीं होता हो 

एक वक़्त ग्रह एक ही चलता -दीगर जो नष्ट ही होता हो 

सूर्य शुक्र की उम्र के सालो -योग शादी ना उमदा हो 

सेहत माया ना उमदा जानो -मँदा औरत का होता हो ....

नेक हालत :- अगर जिस्म ख़ुद का अच्छा हो तो जानो दोनो में से एक ग्रह हमेशा ही अच्छा फल देगा।

खाना न १- अगर मंगल भी तख़्त पर बेठा हो तो सूर्य का फल मँदा होगा।पराई औरत की लगन मँदा फल ही देगा।

खाना न ७-तीर्थ यात्रा उत्तम फल दे।

खाना न ९- कभी अमीर कबी ग़रीब।

खाना न १०- चोथे घर में मदद या चन्द्रमा से मदद मिले तो अच्छा फल। बाक़ी घरों का अपना अपना फल होगा।

पाय :- औरत की सेहत मंदी हो तो सोने की चूड़ी क़ायम करने से औलाद में मदद होगी

शादी के बाद दोनो पति पत्नी में से एक गुड खाना छोड़ दें।


मन्दी हालत :- अगर पिता की उम्र लम्भी ना हो या छोटी उम्र में पिता से दूरी हो और औलाद देरी से हो मँदा फल ही जानें ।

खाना न १- औरत की सेहत और दिमाग़ी बीमारियाँ या पागलपन पराई औरत से सम्ब्न्ध जेल खाना तक ले जाए।

खाना न ७- दोनो ग्रहों की बजाय अब खली बुध न ७ का फल होगा। औरत से झगड़ा या उस की सेहत होगी ख़राब।

खाना न ९ - स्त्री का मँदा भाग।

खाना न १०- राज दरबार में हमेशा नाकामी और शनि हमेशा बुरा फल दे।साँप को दूध पिलाएँ। गों दान से हो कल्याण।

बाक़ी घरों में अपना अपना फल होगा।

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Sunday, 9 August 2020

व्यक्ति  मशहूर ज़िंदगी का मालिक होगा अगर 

सूर्य खाना नम्बर 10 में बेठा हो ओर अनामिका उँगली तर्जनी से बड़ी हो 

Sunday, 19 July 2020

# लाल किताब अनुसार "पितर ऋण" का ग्रह कौन सा है ?
सूर्य ( जाति ऋण):- सूर्य अगर खाना नम्बर 5 में हो ओर साथ में शुक्र या पापी ग्रह बैठा हो तो नास्तिकता ओर पुराने रस्मों रिवाज का ना मानना ओर निंदा करना इस का कारण होता है।लक्षण या आम निशानी घर में अग्नि कुंड होना या मकान की छत से रोशनी की जगह होगी।
चन्द्र ( माता ऋण) :- चंद्र अगर भाव नम्बर 4 में हो ओर केतु साथ हो माता ऋण बनता  है।कारण होगा माता को दुःख देना, घर से निकाल देना। घर का गंदा पानी कुआँ , नदी, नाले में जाता होगा।
मंगल (रिश्तेदारी का ऋण) मंगल 1, 8 भाव में बुध या केतु साथ बैठा हो तो रिश्तेदारी का  ऋण बनता है।कारण होगा मित्र को धोखा या ज़हर देना, किसी की फसल में आग लगाना, पशु मरवा देना, किसी के मकान में आग लगाना।लक्षण:- रिश्तेदारों से मिलने में नफ़रत करना, त्योहार मनाने में गुरेज़ करना।
बुध(बेटी बहन का ऋण) जब बुध 3,6 में चन्द्र के साथ हो तो यह ऋण बाँटा है।कारण होगा किसी कि बहन या बेटी पर जुल्म करना।चिन्ह:- बच्चों को बेचना या गुमराह करेगा।
बृहस्पति( पिता ऋण) बृहस्पति 2, 5, 9, 12 में हो ओर शुक्र, राहु, बुध साथ में बैठा हो तो बृहस्पति ऋण बनता है।वजह:- कुल परोहित को धोखा देना होगी।लक्ष हमसाय मंदिर, पीपल को तबाह करना।
शुक्र (स्त्री ऋण) जब शुक्र 2,7 में ओर सूर्य, राहु ओर चंद्र साथ हों। वजह बच्चे को पेट में मारना या स्त्री को लालच वंश मार देना।चिन्ह:- घर में दांतों वाले जानवर रखना ओर ख़ानदानी नफ़रत करना।
शनि (जलिमाना ऋण) जब शनि 10,11 भाव में हो ओर साथ में सूर्य, चन्द्र ,मंगल साथ बेठे हों तो शनि ऋण बनता है।वजह शनि से संबंदित वस्तुएँ धोखे से लेना या जीव हत्या करना। चिन्ह:- दक्षिण दरवाज़ा, या लवलद संतान विहीन व्यक्ति से मकान लेना या ली गई जगह पर मकान बनाना।
राहु( उनजन्मे ऋण) जब राहु के साथ  सूर्य, शुक्र ओर मंगल 12 भाव में हों तो राहु पितर ऋण बनता है। ससुराल या रिश्ते दारों को धोखा देना।दरवाज़े की दहलीज़ के नीचे से पानी निकलना।चिन्ह:- दक्षिण दिवार के साथ क़ब्रिस्तान या दाने भुन्ने वाली भट्ठी होना।
केतु( दरगाही ऋण) जब केतु खाना नम्बर 6 में हो ओर चन्द्र, मंगल साथ हों। बदचलनी करना या कुते मरवाना कारण होगा। चिन्ह:- कुत्तों को मरवाना।लालच के कारण किसी का कुल ख़त्म कावा देना।

Thursday, 16 July 2020

# लाल किताब में किन घरों में ग्रह अमूमन  मंदा ओर अमूमन अच्छा होगा ?

प्रत्येक कुंडली में ग्रह का अच्छा या बुरा असर देखने के लिए ग्रह किस भाव में विराजमान है यह देखना ज़रूरी होगा।
ग्रह मुश्तरका, पक्का घर ओर उस ग्रह पर दूसरे ग्रहों का प्रभाव भी देखना होगा। 
यहाँ अमूमन से भाव आम तौर पर ऐसा होगा कोई पक्का मुक़र्रर ना होगा ।


  • बृहस्पति अमूमन 6, 7, 10 ओर 11 भाव में मंदा फल ओर 1-5, 8, 9, 12 में अमूमन अच्छा फल  होगा।
  • सूर्य 6,7,10 भाव में मंदा फल ओर भाव नम्बर 1-5, 8, 9, 11, 12 में मंदा फल होगा।
  • चंद्र 6, 8, 10-12 अमूमन मंदा ओर 1-5, 7, 9, 11, 12 में अच्छा फल।
  • शुक्र अमूमन 1,6 ओर 9 में मंदा ओर 5, 7, 8,10 से 12 अमूमन अच्छा फल।
  • मंगल 4, 8 मंदा ओर 1, 2, 5-7, 9-12 अमूमन अच्छा फल होगा।
  • बुध 3,8 -12 अमूमन मंदा ओर 1,2, 4, 5-7 अमूमन अच्छा फल।
  • शनि 1, 4-6 मंदा ओर 3, 7-12 अमूमन अच्छा फल देगा।
  • राहु 1, 5, 7-12 अमूमन मंदा ओर 3,4,6 अच्छा फल होगा।
  • केतु 3-6, 8 मंदा ओर 1, 2, 7, 9-12 अमूमन अच्छा फल होगा।

ज्योतिष रीसर्च सेंटर, होशियारपुर 

Wednesday, 15 July 2020

#विष कन्या योग क्या होता है?



जिस कन्या की कुंडली में "विष-कन्या" योग हो उसके पति को कष्ट होता है इसलिए इस योग का उपाय करना ज़रूरी होता है।
विष से भाव ज़हर से है ओर ज़हर शरीर को हमेशा हानि ही करता है।आप ने सुना होगा की ज़हर को ज़हर ही काटता है।
अगर किसी कन्या के यह योग हो तो उस के पति को मृत्यु तुल्य कष्ट होगा ओर किसी कन्या के पति की मृत्यु हो जाए तो कन्या की कुण्डली का विश्लेषण करवा कर यथा सम्भव उपाय करने चाहिएँ।
कैसे बनता है विष कन्या योग?
शनिवार, अश्लेषा नक्षत्र, और द्वितीय तिथि में तीनो जिस दिन मिले उस दिन जन्मी कन्या विष कन्या होती है 
मंगलवार विशाखा नक्षत्र और द्वादशी तिथि जिस दिन मिले, उस दिन जन्मी कन्या विष कन्या कहलाती है।
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