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Friday, 30 September 2022

ज्योतिष में  ग्रहण  के कारण व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ते हैं? क्या ग्रहण में कुछ खाना नहीं चाहिए , ग्रहण की अवधि के दौरान चाकू, कैंची या सुई इस्तेमाल करने की मनाही क्यों है और भी क्या क्या करने की मनाही होती है ? सूर्य को आत्मा और चन्द्र को मन कहा जाता है।सूर्य ग्रहण में नंगी आँखों से सूर्य की तरफ़ देखना आँखों पर बुरा प्रभाव डालता है, ग्रहण के समय क्या वायुमंडल में जीवन के लिए ज़रूरी मानी जाने वाली गैस की मात्रा भी कम हो जाती है? ग्रहण कब लगता है जब भी पृथ्वी और सूर्य के बीच चन्द्रमा रुकावट पैदा करेगा तो सूर्य ग्रहण लगता है। जब पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाती तो चन्द्रमा ग्रहण लगता है।इसका मतलब सूर्य,  चन्द्रमा और धरती आपस में एक दूसरे के लिए रुकावट या अड़चन पैदा कर रहे हैं।

लाल किताब में ग्रहण को ग्रहों की युति के साथ जोड़ कर देखा जाता है। जब भी किसी भी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य या चन्द्रमा के साथ राहु, केतु या  शनि हों तो ग्रहण माना जाता है।

सूर्य-राहु  युति बनती है ग्रहण जिस के कारण सूर्य की कारक वस्तुयों पर बुरे प्रभाव ही पड़ते हैं 

ग्रहण रवि की क़िस्मत होती, वर्ना उम्र छोटी हो ।

उम्र राहु औलाद शक्की, राज कमाई जलता हो।

राहु से चोरी, बुख़ार, या घर कारोबार में चोरी, मुक़दमा, और फ़साद, ऊपरी हवा भी देखी जाती है।

Friday, 1 July 2022

बुध शक्तिमान 


बुध 2, 4, 6 में बेठा,    -     राज योगी हो जाता है।

3, 6 में बेठा।              -      सूर्य को मदद देता है।

1,2, 9 से 12,                 -    शनि को प्रबल करता है।

7 वे में                          -    पारस होवे साथी को तारता है।

3, 8, 9, 12,                   -   कोढ़ी थूकता होता है। 

बुध के दांत 

जब तक व्यक्ति के दांत होते हैं तब तक वह अपनी बात दूसरों को अच्छी तरह से समझा सकता है। दांत क़ायम तो ज़ुबान व्यक्ति की मर्ज़ी से क़ायम या नियंत्रण में रहती है।बुध क़ायम तो  ज़ुबान क़ाबू में तो झगड़ो पर भी क़ाबू।जब तक दांत ठीक रहेंगे तो मंगल ओर बृहस्पति भी  नियंत्रण में रहेंगे।दांत ना हों तो चन्द्र की सहायता मिले या मददगार जैसे बच्चे के दांत ना हों तो वह दूध पीता  है यानी चन्द्र से मदद ली जाती है। 

बुध के 12 भावों में गूढ़ रहस्य और उपाय?

कुंडली में चन्द्र- राहु की युति तो बुध बर्बाद। 34 साल उम्र तक बुध की हकूमंत होती है।बुध के लिए माता दुर्गा की उपासना करनी उतम फल मिलता है।घर में  सिर्फ़ सीढ़ी बनाना या सीढ़ी या पूजा स्थान बदलना,  बुध ग्रह ख़राब होने की निशानी होगी। ज़ुबान में रुक रुक कर बोलने की आदत (स्टैमरिंग) हकलाहट बुध ख़राब होने कीं निशानी होगी।बुध-राहु इकठे या बुध 6,8,9,12 और राहु 1, 5, 7, 8, 11 भाव में तो जेल खाना, पागल खाना, क़ब्रिस्तान या वीरानागी जैसे बुरे फल मिलेंगे। बुध-केतु मुस्तरका तो केतु का फल मँदा फल देगा।

 बुध 1 खाना मँदा होने की निशानी एक जगह बेठने की आदत न होना मिले तख़्त औरत को कितना ही ऊँचा जवानी में तोहमंत का ख़तरा ही होगा। व्यक्ति  का रंग काला तो उतम फल मिलेंगे।मंगल 12 तो कभी बुरा फल नहीं मिलेगा। बुध के साथ सूर्य लग्न में तो औरत घराने से होगी।चन्द्र 7 वे भाव में तो नशेबाज।बुध सोया हो तो बुरे फल मिलेंगे।

बुध 2 और 6,8 भाव ख़ाली तो उत्तम फल यहाँ बुध साथ हो तो साली का साथ बुरा फल मिलेगा।ससुराल को नुक़सान होगा। घर में भेड़ या तोता मत रखे।ना ही तोते भेड़ को भोजन दे।12  भाव में बृहस्पति तो उत्तम फल मिलेंगे नाक छेदन कर 4-5 दिन सुराख़ क़ायम रखें।

बुध 3 तो ख़ानदान पर भारी रेहेगा,  विद्या में रुकावट, 32 दांत तो फल अच्छा मिले।मंगल १ तो अच्छे फल।केतु 11 तो औलाद के लिए उत्तम फल मिलेगा।खाना न 9 या 11 के ग्रहों संबंधी कार्य बुरा फल ही देंगे फटकड़ी से दांत साफ़ करना पक्षियों को मूँग साबुत डालना बुरे प्रभाव में कमी करेगा।

बुध 4 और गुरु कुंडली में उच्च तो राजयोग सरकारी  कामों में सफलता।3,5,11 में सूर्य,  चन्द्र या बृहस्पति 9 में हो तो परिवार उत्तम और सब सुख मिलेंगे। दूसरा भाव ख़ाली या वहाँ चन्द्र हो तो अच्छे फल।हाथ में खुदकशी रेखा और चन्द्र ६ में तो मँदा फल मिलेगा। पैसे के लिए बृहस्पति और माता पर भारी तो सूर्य का उपाय करे।

बुध 5 अपनी ज़ुबान को क़ाबू में रखे किसी को मँदा मत बोले। 3,9,11 में  चन्द्र  या नर ग्रह तो दादे - पोते को तारने  वाला होगा।सेहत रेखा अच्छी तो उत्तम फल।ताम्बे का पैसा गले में धारण करे।

बुध 6 व्यापार में नफ़ा, दिमाग़ी कमो में लाभ और दस्ती कामों में नुक़सान। बुध 6 वाला व्यक्ति का आख़िरी समय का वाक्य पूरा होगा।समूँदरी सफ़र में मोटी पैदा होंगे।सरकारी लाभ फ़ैसले हक़ में होंगे बुध 6 शनि 9 या 11 तो औरत अमीर घर से हो।बुध 6 तो 34 साल बाद मंगल बद का उपाय करे।बुध 6 वाला डॉक्टर लालची हो तो नुक़सान के सियाय कुछ न मिले।शुक्र 4 तो स्त्री के बाए हाथ की उँगली में चाँदी का छला पहनाये।शुक्र रद्दी तो मिट्टी के बर्तन में दूध डाल कर वीराने में दबाए और अगर चन्द्र रद्दी तो गंगाजल मिट्टी के बर्तन में खेती वाली ज़मीन में दबाए। 

बुध 7 अपने लिए मँदा दूसरों के लिए पारस अगर किसी को बुध 7 वाला रास्ते में मिल जाए तो कुछ न कुछ लाभ ही दे कर जाएगा।ऐसे व्यक्ति से मुलाक़ात होना ही लाभ का कारण बनता है।ऐसे व्यक्ति को व्यापार या दस्ती कार्य करने, दोनो में लाभ ही मिलेगा।चंद्र 1  बुध 7  समूँदरी सफ़र या विदेश में मोती  पैदा करेगा।शनि 3 बुध 7 स्त्री अमीर घर से होगी या अमीर बना देगी।बुध सोया हो तो सब फल मंदे।

बुध 8 हर तरफ़ से बुरा होगा जब मंगल 12 वे भाव में ना हो।अकेली सीड़ी तोड़ कर मत बनाए या पूजा स्थान ना बदले।पराई औरत से सावधान रहे धोखा मिलेगा। बुध जब वर्ष फल में दोबारा आठ में आए तो बहुत बुरे फल मिलेंगे।मिट्टी के बर्तन में शहद  या खाँड़ भर कर वीराने में दबा दे। बाद में ताम्बे के बर्तन में मूँग साबुत भर कर कली का टाँका लगा चलते पानी में बहा  दें।बुध 8 और 12 व घर ख़ाली तो मास पेशियों के रोग।केतु 2 बुध 8 24 खोए के पेड़े कूतों  को खिला दे या पानी में बहाँ  दें।नाक छेदन से लाभ होगा।

बुध 9 हरे रंग से परहेज़ रखे और नाक छेदन करवाए ।नया कपड़ा नदी के पानी से धो कर पहने दोपहर से पहले, लोहे की गोली पर लाल रंग कर पास रखे, मशरूम मिट्टी बर्तन में डाल कर धर्म स्थान में रखे,गौग्रास देना, घर की तह ज़मीन में चाँदी दबाना।

बुध 10  शराब पिए तो शनि मँदा शरारती, मतलब परस्त, चालबाज़, ज़ुबान का चस्का ख़राबी पैदा करेगा। हलवा कद्दू पिला जो अंदर से खोखला हो धर्म स्थान लंगर में देना, बकरी की सेवा करना, छोटी कन्यायों की पूजा सेवा करना, फटकड़ी से दांत साफ़ करना लाभ देगा।

बुध 11 जब लग्न  में आए तो मोती  मिलें अच्छा फल मिलेंगे जब खाना न 3 मँदा हो।9 वाला बुध जब वर्ष फल में 11 में आए तो किसी साधु बाबा से तावीज़ या भुभूति मत ले नहीं तो जड़ ही कट जाएगी ।सूर्य कमज़ोर हो जाएगा।ताम्बे का पैसा गले में धारण करें। 

बुध 12 आमतोर पर बुरे फल ही मिलते हैं। बृहस्पति साथ हो तो इज्जत माँ मिले मगर दौलत तो तभी मिलेगी जब शनि साथ हो।बुध 12 तो छटे भाव में बेठे ग्रह या ग्रहों की जड़ ही काट देगा जैसे सूर्य हो तो राज दरबार या सरकारी लाभ नहीं होगा।ज़ुबान मीठी रखना ज़ुबान पर क़ाबू रखना, वायदा पूरा करना, ग़ुस्से पर क़ाबू करना अच्छा फल देंगे। लोहे का बेजोड़ छल्ला पहनना, केसर का तिलक लगाना, सोना धारण करना लाभ होगा। बुध 12 चन्द्र 2 सपंज में पानी डाल कर रखना।बुध 12 राहु 2 ससुराल को मदद मिले।

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Thursday, 23 June 2022

             ऊर्ध्व रेखा के अच्छे या बुरे फल                     

                             धन दौलत है 11 आता,          घर तीजे से जाता है। 

 ऊर्ध्व रेखा हाथ की सीधी लम्बी रेखा जो क़िस्मत,भाग्य, महाभाग्य,  सौभाग्य की सूचक मानी जाती है । ऊर्ध्व को इंगलिश में  High, Perpendicular, Vertical, Higher Up कहा जाता है। यह रेखा हाथ में हो तो व्यक्ति का भाग्य हमेशा साथ देता है।सीधी रेखा बीच में टूटी न हो तो इसके अच्छे फल सारा जीवन में मिलते ही रहते हैं।जिस व्यक्ति के हाथ में यह रेखा हो वह हमेशा हर दिशा में सफलता  प्राप्त करता है।इस बात में भी शक नहीं की  मनुष्य के सब कार्य, उन्नति, अवनिति, नाश पहले से ही लिखे होते हैं। तक़दीर, क़िस्मत, और नसीब और भाग्य का सिद्धांत सभी देशों और जातियों में किसी न किसी रूप में माना ही जाता है।कर्म से भाग्य  और भाग्य से कर्म बनते हैं।

लाल किताब 1941में पक्का घर न 11 में  ऊर्ध रेखा बारे चर्चा की गई है। 

                                 ऊर्ध,  श्रेष्ट, धन रेखा तो,                            क़िस्मत का मैदान भी है ।

                               लालच दुनिया, मकान ख़रीदे,               उम्र तादाद औलाद भी है। 

ऊर्ध रेखा के अच्छे या बुरे दोनो तरह के फल मिलते हैं।ग्रहों की कुंडली में स्तिथि से ऊर्ध रेखा के अच्छे या बुरे फल मिलेंगे। 

बृहस्पति खाना न 3 शनि 4  ऊर्ध रेखा मन्दी जिस से दोस्ती हो उसे ही लूट कर धोखा देकर आप अमीर हो जाए।बृहस्पति १10 शनि 9 ऊर्ध रेखा का साथ तो लूट कर बड़ा आदमी बने किसी पर दया न करे, बृहस्पति-शनि मुस्तरका खाना न 9 में और ऊर्ध रेखा मछली के मुहं से शुरू हो तो ऐसे व्यक्ति की आँख में होशियारी की पूरी ताक़त होगी। लोग तो उसे दुष्ट कहेंगे मगर अपने लिए भागवान दौलतमंद होगा।अपने बाप का भी सगा न होगा और ना ही किसी से हमदर्दी, न दीन का लिहाज़ न धर्म का पालन करने वाला होगा।धन के इलावा किसी से मौहबत ना होगी। जो उससे छुआ वही मुआ,  छोटी-छोटी मछलियों को खा कर मगरमच्छ होगा ।मगर उम्र लम्बी होगी।

बृहस्पति 3 शनि 9 दौलत की कमी ना रहे।

बृहस्पति ४  ऊर्ध रेखा का साथ तो लोटरी  या वज़ीफ़ा का फल उत्तम मिले।

बृहस्पति ७ और बुध, शनि खाना न 2-6-11 या 12 में बेठा हो तो डाकू होगा राहजनी करेगा और अमीर बनेगा मगर औलाद का फल मँदा होता जाएगा।यह हालत 40-45 साल उम्र तक होगी।

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