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Sunday, 5 June 2022

 सूर्य और कारोबार रहस्य 

सूर्य दुश्मन ग्रहों शुक्र, राहु, केतु या शनि के साथ किसी भी भाव में हो और वर्ष फल में जिस खाना में आएगा उस घर से सम्बंधित वस्तुयों पर बुरा प्रभाव ही डालेगा। Example :- कुंडली में सूर्य-शुक्र पंचम भाव में जब वर्ष फल में दोबारा पाँचवें भाव में आए तो शुक्र की वस्तुयों जैसे चमड़ी रोग, औरत को नुक़सान, इट्टों का भठा को नुक़सान ही देगा।

अकेला सूर्य अगर भाव न  2, 6,7,8, 10, 11, 12 में बेठा हो तो इन ग्रहों  के मलिक ग्रहों  पर  नेक असर कम देगा।

1,5,11 खाने में बेठा जन्म कुंडली या वर्ष फल में हो चाहे दुश्मन ग्रहों के साथ बेठा हो उन को मदद ही देगा। 5,11 में हो तो दुश्मन ग्रह के साथ हो तो दुश्मन ग्रह मदद ही देंगे।

 सूर्य लग्न में हो तो धार्मिक नेता, दुकानदारी या कारोबारी तो लोगों से नर्मी से बात करे और नौकरी करे तो नियमो का पूरी तरह से पालन करे। हाकिमी( ऑफ़िसर) गर्मी की दुकानदारी(Shopkeeper or Businessman) नर्मी की अच्छा असर देगी ।

सूर्य कुंडली के खाना न २ और बुध  या राहु ८, बुध १० में केतु ९ में हो  तो दस्ती काम जैसे बढ़ई , मैकेनिक आदि 

सूर्य खाना न ३ में हो तो इल्मे  ज्योतिष का कार्य लाभ देगा दिमाग़ी कारोबार या बोल कर करने वाले काम लाभप्रद रेहेंगे 

सूर्य खाना न ४ में हो और बृहस्पति खाना न १० में तो शनि से सम्बंधित लोहा और लकड़ी के काम नुक़सान देंगे। दिमाग़ी कारोबार या बोल कर करने वाले काम लाभप्रद रेहेंगे।

सूर्य भाव न ५ में हो और कुंडली में शुक्र-बुध मुश्तरका हों तो हुकमरान, बड़ा अफ़सर बने। 

Thursday, 2 June 2022

और सीलन

दीवारों में सीलन या नमी का ज्योतिष से सम्बंध और उपाय 

 

सीलन या ज़्यादा नमी से कोन से ग्रह बुरा प्रभाव देते हैं ?  घर में सीलन या नमी का व्यक्ति की सेहत पर क्या  प्रभाव पड़ते हैं ? सीलन से किस रोग के होने का अंदेशा रहता है ? क्या राहु सीलन या नमी वाली जगह पर बुरे प्रभाव देने शुरू कर देता है ? 

घर, दुकान या कारख़ाने में सीलन को नज़रअन्दाज़ नहीं करना चाहिए ख़ास कर के अगर सीलन काफ़ी मात्रा में हो तो इसे हल्के में मत लें।इस से घर में रहने वाले व्यक्तियों के शनि (मकान,  क़र्ज़ा ), बृहस्पति ( साँस के रोग जैसे टी बी, फेफड़ों के रोग, खांसी, नज़ला,  जुकाम, दमा) राहु (शरारतें, ज़हमत बीमारी) चन्द्र (पानी की कमी, पेट के रोग, मानसिक परेशानी या डिप्रेशन)  पैसा बचत ना होना, अमीर कितना भी हो सिर पर क़र्ज़ा हमेशा रेहेगा।

सीलन या नमी ज़्यादा होना जाले लगना वास्तु दोष तो है ही  साथ में व्यक्ति के ग्रहों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति की जन्मपत्री में अगर :-

राहु ग्रह लग्न, पंचम, आठवें, नोवे या बारवें भाव में हो तो बुरा फल मिलता है जिस से व्यक्ति पर मुक़दमा, बीमारी पर पैसा खर्च होता है।राहु सीलन वाली जगह को पसंद करता है और जिस स्थान पर नमी ज़्यादा हो वहाँ राहु बुरे प्रभाव ज़्यादा देगा।

बृहस्पति अगर दसवें भाव में हो या 2,5,9,12 वे भाव में राहु, शनि, शुक्र ग्रह हों तो दमा, टी बी, साँस के रोग तंग करेंगे।

 चन्द्र ग्रह अगर 8,12 वे भाव में या चंद्रमाँ शनि, राहु, केतु की टक्कर, या अचानक चोट दृष्टि हो तो  मानसिक बीमारियाँ डिप्रेशन जैसे रोग होंगे।

शनि ग्रह लग्न, दूसरे भाव, छटे, आठवें खाना में हो और सीलन ज़्यादा हो  तो शनि के बुरे प्रभाव मिलेंगे जिससे मकान बेचने या ख़रीदने में रुकावट , गाड़ियों में जल्दी-जल्दी ख़राबी होना, कारोबार में अड़चने आनी, क़र्ज़ा न उतरना जैसे समस्याओं से जूझना पड़ेगा।

आमतोर पर नमी या सीलन को ख़त्म करने के लिए मकान बनाने  से पहले भूमि परीक्षण करवा लेना चाहिए और नीव में बृहस्पति, चन्द्र, राहु, शनि की वस्तुएँ पूजा करके रखनी चाहिएँ और इन्ही ग्रहों की वस्तुओं का दान भी करना चाहिए। 

ज्योतिष में शोध {Research}के ज़रूरत है जिससे और गहरे रहस्य पता लगेंगे।@daljitastro , Astrology research centre Hoshiarpur ,  janakastro.blogspot.com, astrology TV, WhatsApp 9417355500

Monday, 16 May 2022

लाल किताब के फ़रमान 

खाने के शौंक से करे ताकतवर ग्रह की पहचान?

आप का ताकतवर ग्रह कोन सा है? आपके खाने के शौंक का ताकतवर ग्रह का क्या संबंध है? ग्रह को उच्च करने के लिए किस खाने की वस्तु का दान करें? किस भोजन के खाने से ताकतवर ग्रह कमजोर होगा? 

आपने यह कहावत तो सुनी होगी की "जेसा खाओगे अन्न, वेसा बनेगा मन"। तामसिक भोजन खाने से तामसिक विचार बनते हैं और सात्विक खाएँगे तो सात्विक विचार आएँगे।लाल किताब १९४० के अरमान न ११ में  ताकतवर ग्रह की पहचान करने के बारे बरुए हस्त रेखा या केंद्र भावों १,४,७,१० से क़िस्मत के ग्रह या ताकतवर ग्रह का पता लगाने में मदद मिलती है ।जिस किसी व्यक्ति में जिस ग्रह की ताक़त ज़्यादा होगी वह व्यक्ति उस ग्रह की चीजें खाने का आदी नहीं होगा उदाहरण के तौर पर:- 

सूर्य उच्च वाला नमक ,शलगम,गेहूं,काली मिर्च,ख़स -खस,लाल रंग के फल, लाल मिर्च का शौक़ीन नहीं होगा।जिस व्यक्ति का सूर्य कमज़ोर हो उसका रक्तचाप बढ़ने या दिल सम्बन्धी रोग होने का अंदेशा रहता है इसलिए नमक ज़्यादा खाने से सूर्य और कमज़ोर होगा मगर मंगल की वस्तुएँ मीठा आदी खाने से सूर्य ताकतवर माना जाएगा मगर मंगल कमज़ोर  रेहेगा।

चन्द्र जिस व्यक्ति का ताकतवर होगा वह व्यक्ति ठंडी वस्तुएँ जैसे आइसक्रीम, कोकाकोला, दूध, चावल कम खाएगा।

मंगल जिस इंसान का  ताकतवर होगा वह मिठाई, मसूर लाल  ज़्यादा खाने का शौक़ीन ना होगा।

जिस व्यक्ति का बुध ग्रह ताकतवर हो वह मूँग सबूत,हरी सब्ज़ियाँ,बैंगन,कच्चा केलाखाने का शौक़ीन नहीं होगा।

इसी तरह से  अगर किसी का गुरु ताकतवर है तो वे दाल  चना, हल्दी, केसर, लडू  खाने का शौक़ीन नहीं होगा।

शुक्र जिस व्यक्ति का ताकतवर होगा वह दही,आड़ूँ ,बेलों पर लगने वाली सब्ज़ियाँ जैसे बीनस,मटर, आलू, सुगंधित पेय पदार्थ खाने का आदी नहीं होगा।

शनि जिस व्यक्ति का ताकतवर ग्रह होगा तम्बाकू, शराब,माश सलाम , कुलथ दाल और गरम मसाले सेवन करने का शौक़ीन नहीं होगा।

राहु ताकतवर वाला व्यक्ति ज़ौ  का आटा, काले सफ़ेद चने, मसाले खाने का ज़्यादा शौक़ीन नहीं होगा।

जिस व्यक्ति का केतु ताकतवर होगा वह इमली और खट्टे पदार्थ खाने का शौक़ीन कम होगा।

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Wednesday, 4 May 2022

ओपरी कसर, बद रूह, हवा-ए-बद और लाल किताब के उपाय?

 ओपरी कसर और लाल किताब के फ़रमान 

लाल किताब में बला-ए-बद, हवा-ए-बद या नज़रें बद, भूत-प्रेत का असर किन ग्रहों के कारण होता है? क्या उपाय करें?

लाल किताब में फ़ारसी और उर्दू भाषा के शब्दों को ध्यान से समझने के बाद इस बात का पता चलता है कि व्यक्ति की कुंडली से यह जाना जा सकता है कि किस ग्रह के कारण से व्यक्ति को नज़र लग सकती है या कोई बद- रूह उसपर हमला कर सकती है।ओपरी कसर, किता-कराया ( Evil Spirit) डायन, भूत-प्रेत क्या मन के वहम, मानसिक रोगों, भूत प्रेतों की कहानिया पड़ने या हॉरर मूवीज़ देखने के कारण ही होते हैं या इन का कोई ज्योतिषये आधार भी है? जिस व्यक्तिओं पर बद रूहों का असर होता है उनके अंदर नकारात्मक ऊर्जा ज़्यादा होती है। 

शास्त्रों और ग्रंथों में जिन, भूत,  डायन का ज़िक्र देखा जा सकता है। अथर्व वेद में भी ऐसे कृत्यों, अभिचारों का वर्णन आता है और उस से छुटकारा प्राप्त करने के उपाय भी बताए हुए है मगर  लाल किताब में इस बारे कैसे और किन ग्रहों कारण बुरी बलाओं जिनसे व्यक्ति पर विपत्ति आती है और दुर्भाग्ये साथ नहीं छोड़ता ऐसा वर्णन आत्ता है। 

लाल किताब के 1941और 1952 संस्करण में बला- ए- बद और हवा-ए-बद का ज़िक्र है, किसी व्यक्ति की कुंडली में चन्द्र खाना न 3 में हो और उनके लड़की जन्म ले तो चन्द्र की आशियाँ जैसे चाँदी, चावल या दूध का दान करना चाहिए अगर लड़का हो तो सूर्य की वस्तुओं का दान करना चाहिए जिससे बुरी बलाऐं दूर रहें। चन्द्र 3 वाले व्यक्ति की जब शादी हो या उसके घर में शादी के बाद कोई और औरत आए तो ताम्बा, गहुँ का दान करना चाहिए जिस से उनके घर में चोरी, ज़हमत से बचाव रेहेगा।

बुध खाना न 9 को 1941 की लाल किताब में तिलस्मी भूत कहा है जिस का साया मालूम न हो सके।

                       जब तब बुध 9 में बेठा                    ग्रह न कोई बोलता हो 

                      भूले से गर कोई बोले                       बुध न उसको छोड़ता हो 

                        साया तो है नज़र आता                     बुध नज़र आता नहीं 

चन्द्र अगर भाव न 3,8,5,9 में हो तो बुध के ज़हर से बचाव होता रहता है यानी बुध का तिलस्मी साया बुध पर नहीं पड़ता नहीं तो बुध का ज़माना 13, 15, 17,18,34 दिन, महीना या  साल को बुरा असर देगा कभी नेक न होगा न ही खुशहाल रहने देगा।

                       चमगादड  के मेहमान आए जहां हम लड़के वहाँ तुम लटक जाओ ऐसा हाल होगा।

नाक छेदन से लाभ मिले, अगर फिर भी आराम ना मिले तो नया कपड़ा जब भी पहनना हो तो पहले उसपर दरिया के पानी के छींटे लगा ले और नया कपड़ा पैंट सूट, पजामा, क़मीज़, बानियान पहली बार दुपहर से पहले पहने।इस के बाद कोई परहेज़ नहीं होगा।

केतु दरवेश अगर नीच फल दे रहा हो और ऐसे व्यक्ति का मकान गली के आख़री छोर पर या T बनती हो तो इस मकान में रहने वाली औरतों और बच्चों पर हमला होगा। हवा चलेगी भूत-प्रेती बच्चों पे हमला करती है।

कुंडली में अगर बृहस्पति-शनि की युति हो और केतु की कुदृष्टि  उनपर पड़ती हो तो औलाद पर बला-ए-बद या हवा-ए-बद का असर होगा। शाहरह -ए -आम (Common Highway) या गली का वेध हो तो सीधी हवा घर में प्रवेश करती हो जिसमें बुरी आत्माऐ जिन,भूत प्रेत Evil Spirits घर में प्रवेश कर जाएँगी। लाल किताब अनुसार चन्द्र, बुध, केतु और बृहस्पति-शनि की युति का अध्ययन  करना चाहिए।

                                    ज्योतिष में (RESEARCH) शोध की बहुत ज़रूरत है।

                              ASTROLOGY RESEARCH CENTRE, HOSHIARPUR

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Wednesday, 24 November 2021

 लाल किताब अनुसार सूर्य-बुध युत्ति का कुंडली के 12 भावों में फल और भेद?

लाल किताब में सूर्य-बुध युत्ति को हरा भरा, लहलहाता पहाड़, लाल फिटकरी, सफ़ेद शीशा, बनावटी नेक मंगल और औलाद की जिंदग़ी का मालिक कहा गया है।जिस व्यक्ति के यह योग हो उसे सरकारी लाभ मिलने की आशा प्रबल और राज दरबार से सम्बंध ज़रूर होगा और लाभ देगा। सूर्य को इंसान की रूह और बुध को परमात्मा की क़लम, सूर्य को बन्दर और और बुध लंगूर की पूँछ की तरह मददगार होगी।अगर यह युत्ति अच्छी हो कोई पापी ग्रहों का बुरा प्रभाव ना पद रहा हो तो उम्र लम्बी होगी।विद्या से लाभ, पेन या क़लम और लैम्प की रोशनी में रात को लिखना लाभ देगा।

सूर्य बुध को देखे तो स्त्री आमिर घर से होगी।अगर 50% दृष्टि हो तो ज्योतिष में माहिर होगा।बुध देखे सूर्य को तो तो सेहत और दिमाग़ तेज़ होगा।

सूर्य-बुध  खाना न- 1.   योग अभ्यास उत्तम फल होगा और लहलहाता पहाड़ यानी अच्छा फल वज़ीर दूसरों को राई देने वाला योग और ज्योतिष से लाभ, सरकारी लाभ मगर राहु केतु की दृष्टि हो तो राज दरबार में झगड़े होंगे।

सूर्य-बुध  खाना न -2.  शरीर और दिमाग़ शक्तिशाली और धन सम्बंधी परेशानी रह सकती है।

सूर्य-बुध  खाना न -3.  शनि तीसरे, चोथे या पाँचवे घर हो तो अच्छा ज्योतिषी बने और शुभ फल मिले ऐसा व्यक्ति आशिक़ी भी करेगा और बदनाम भी नहीं होगा क्योंकि यह वफ़ादारी में विश्वाश रखेगा।

सूर्य-बुध  खाना न-4.  यहाँ दोनो ग्रह होने से राजयोग होगा आर्थिक सम्बंधी हालत अच्छे रहंगे।

सूर्य-बुध  खाना न-5.  दोनो ग्रह पाँचवे घर में हो और शनि नोवें खाना में हो तो आयु लमभि और अगर केतु राहु या मंगल की दृष्टि हो तो मौत अचानक हो सकती है।

सूर्य-बुध खाना न-6.  ऐसा व्यक्ति का जन्म जद्दी घर से बाहर हो सकती है, अगर बुध शक्तिशाली हो और सूर्य दृष्टि से मँदा हो रहा हो तो बुरा फल मिलेगा। 

सूर्य-बुध खाना न-7.  यह दोनो होने पर शुक्र मँदा हो तो लड़का लड़की पर बुरा प्रभाव और ससुराल पर भी अच्छा फल नहीं मिलता।शुक्र शुभ तो आमदन हमेशा होती रहगी। चल चलन संभाल करे तो उत्तम फल मिलेगा।

सूर्य-बुध खाना न -8    बहन- बेटी या बुध की वस्तुओं पर बुरा प्रभाव हो तो बुरा फल ही मिलेगा आम तोर पर बुध यह माँदे फल ही देता है। अगर खाना न २ खली हो तो प्रभाव अच्छे ही होंगे और काँच बर्तन में गुड भर कर वीराने में दबा देना चाहिय।

सूर्य-बुध खाना न- 9  २४ साल तक विद्या उत्तम फल देगी औलाद ३४ वर्ष के बाद क़ायम साथ तरक़्क़ी और भाग्य उदय होता है यदि बुध पर केतु का बुरा प्रभाव हो तो १७ से २७ साल तक बुरा प्रभाव रहेगा।

सूर्य-बुध खाना न 10.   दसवें घर में दोनो का फल अच्छा होगा अगर पहला और दूसरा घर  ख़ाली हो मगर शनि के घर में होने पर  बदनामी भी मिलती है।

सूर्य-बुध खाना न 11.  जिस घर में पाठ पूजा करने वाले लोग रहते  हो तो अच्छा फल मिलता है  अगर बुरे कार्य, मांस खाने वाले हों  तो बुरा फल ही मिलता है।

सूर्य-बुध खाना न 12. में होने पर नसों के रोग, मानसिक परेशानी और मिर्गी जैसे रोग भी हो सकतें हैं।बुध के कारण से बहन बुआ बेटी और व्यापार पर बुरा प्रभाव ही रहता है। बुध का उपाय करना ज़रूरी है।

Astrology Research Centre Hoshiarpur


Thursday, 27 May 2021

 Astrology Research Centre, Hoshiarpur

औलाद का सुख और लाल किताब 

दूजे छटे जब शुक्र जागे, मदद गुरु, रवि पाता हो 

मच्च रेखा परिवार क़बीले, औलाद दौलत सब उमदा हो 

छटे रवि घर १२ होते, साथी मंगल बुध बनता हो 

तीन राहु घर दोस्त बदले, लवलद कभी न होता हो 

कुंडली में बृहस्पति, सूर्य, चन्द्र, बुध, शनि, राहु की स्तिथि से औलाद के सुख बारे देखा जाता है। 

बृहस्पति खाना न 3, 8 में हो और मंगल 2, 5, 9, 12 में हो, बृहस्पति खाना न 1,5 में और सूर्य 2, 5,9,12 में हो 

बृहस्पति खाना न 4 में और चन्द्र 2,5,9,12  में हो ।

सूर्य 3,8 में हो और मंगल 1,5 में हो, सूर्य 6,7 में हो और बुध 1,5  में हो, सूर्य 4 में हो और चन्द्र 1,5 में हो ।

चन्द्र 3,8खाना में और मंगल 4 में हो, चन्द्र 4 में और मंगल 3,8 में हो।

शुक्र खाना न 6,7 में और बुध खाना न 2,7 में हो, शुक्र 8,10 में और शनि 2,7 में हो, शुक्र 6 में हो और केतु  2,7 में हो तो औलाद का सुख मिलेगा।

बुध खाना न 12में हो और राहु  6,7  में हो,  बुध  8,10 खाना में और शनि  6, 7 में हो, शनि 12 में और राहु  8,10 में हो और राहु 6 खाना में हो और केतु खाना न 12 में हो तो औलाद का सुख ज़रूर मिलता है।

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Saturday, 22 May 2021

 मकान शहर की किस दिशा में बनाए या ख़रीदें?

अच्छे घर का सपना सब लोगों का होता है तो घर बनाने या ख़रीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें जो वास्तु या कुंडली में बेठे ग्रहों के अनुरूप हों।घर का मुख्ये दरवाज़ा किस दिशा में हो? शहर की किस दिशा में मकान बनाना या ख़रीदना रहेगा शुभ? मकान किस ग्रह से संबंधित हो? 

शहर की किस दिशा में मकान बनेगा या उत्तम फल देगा? इस को देखने की दो विधियाँ हैं (1) कुंडली में चंद्रमा जिस राशि या खाना में बेठा हो जैसे चन्द्रमा दसवें भाव में हो तो शनि की दिशा पश्चिम में होना शुभ फल दायक होगा।इसी तरह चन्द्रमा चोथे भाव का मालिक होने से चन्द्रमा की दिशा उत्तर मानी जाती है । सब ग्रहों की एक दिशा निर्धारित की गई है जैसे सूर्य की पूर्व, चन्द्रमा -उत्तर-पश्चिम, मंगल की दक्षिण, बुध की उत्तर, बृहस्पति की उत्तर-पूर्व, शुक्र की दक्षिण -पूर्व, शनि की पश्चिम दिशा मानी जाती है।

लाल किताब के अनुसार पहला घर पूरब दिशा का कारक है।यानी जिस व्यक्ति का सूर्य बहुत अच्छा है उसके लिया पूरब दिशा का मकान होना अच्छा रहगा।इसी तरह मांगज बहुत अछी स्थिति मीन हो तो उसके लिए दक्षिण दिशा का मकान होना भी अशुभ फल नहीं देगा।

कुंडली का दूसरे घर सम्बंध उत्तर पश्चिम दिशा से है। तीसरे घर का सम्बंध दक्षिण दिशा से है क्यूँकि इसका कारक मंगल ग्रह है।

चौथे घर का सम्बंध चन्द्रमा से है।जो उत्तर दिशा का कारक है।

पाँचवे घर का सम्बंध पूर्व दिशा से है।मकान के अंदर जहाँ से हवा और रौशनी आती है उसका सम्बंध पाँचवे  घर से है।

छँटें घर का सम्बंध उत्तर दिशा से है।और किसी हद तक इसका सम्बंध व्यापार से भी है।

सातवें घर का सम्बंध दक्षिण पश्चिम दिशा से है ऐसे व्यक्ति के लिए दक्षिण  पश्चिम का मकान शुभ फल दे सकता है।

आठवाँ घर दक्षिण दिशा का कारक है।आठवें घर  के कारक मंगल और शनि हैं जो कि ग्रह फल का कारक है।

नौवें घर का सम्बंध बृहस्पति से है।जिसकी दिशा उत्तर पूर्व है।

दसवें घर का सम्बंध रोज़गार, व्यापार या नौकरी से है।दसवें घर को ठग्गी द्वार भी कहा जाता है क्योंकि अपने लाभ के लिए धन कमाने या अपने कार्य में प्रगति के लिए दूसरों को धोखा देते हैं।इस घर की दिशा पश्चिम है।

ग्यारहवाँ घर व्यक्ति के लालच का प्रतीक है, और पश्चिम दिशा का कारक है।

बहरवां  घर दक्षिण पूर्व दिशा का कारक है।और पड़ोसी से सम्बंध का कारक भी है।

अगर आपका मकान बन चुका है तो आप जान सकते है कि किस ग्रह से सम्बंधित आपका मकान है।अगर नया मकान बनाना है या ख़रीदना है तो कुंडली का विश्लेषण करवा कर इस बारे में जाना जा सकता है की शहर की किस दिशा में मकान शुभ रहेगा 

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Sunday, 9 May 2021

लाल किताब के फ़रमान 

सूर्य देव के रहस्य 

सूर्य देव विष्णु भगवान पक्का घर 1 लग्न, शुभ घर  1-5,8,9,11,12 अशुभ 6,7,10खाना में होगा। दुश्मन ग्रह शनि, राहु और शुक्र के साथ हो तो अशुभ प्रभाव ही देगा।दुश्मन ग्रह की टक्कर हो तो मँदा फल ही मिले।कुंडली में बुध-शुक्र की यति तो मसनुई सूर्य बनाए।राहु,शनि,केतु का टकराव हो तो सूर्य मँदा फल देगा।मुँह में पानी आते रहना सूर्य मँदा की निशानी होगी।

उपाये:-मुँह में गुड डाल कर साथ में पानी का घूँट पी कर कार्य पर जाए  तो सफलता साथ दे।